
घर की थाली
भरपूर घरेलू थाली: सादा चावल, ताज़ी रोटी, दाल, एक सूखी और एक तरी वाली सब्ज़ी, चोखा, चटनी, अचार और रायता। एक थाली में पूरा बिहारी घर का खाना।

घर जैसा स्वाद, बिहारी अंदाज़।
घर जैसा आलू भुजिया, अरहर दाल तड़का, राजमा और आलू चोखा। हमारी हज़ारीबाग़ की रसोई में रोज़ ताज़ा बनता है, बिलकुल माँ के हाथ का स्वाद, और गरमागरम आपके घर तक।

रोज़ के घर के खाने से लेकर त्योहारी पकवानों तक। बिहारी रसोई का हर कोना, एक ही मेन्यू में।

भरपूर घरेलू थाली: सादा चावल, ताज़ी रोटी, दाल, एक सूखी और एक तरी वाली सब्ज़ी, चोखा, चटनी, अचार और रायता। एक थाली में पूरा बिहारी घर का खाना।

नरम आलू, हल्की महकती बेसन की तरी में पके। जीरा और लहसुन के छौंक के साथ। बिलकुल सुकून वाला खाना।

रोज़ की अरहर दाल, जीरा, लहसुन और सूखी लाल मिर्च के चटकते घी के तड़के के साथ।

देसी मुर्गा, तीखे प्याज़-टमाटर मसाले में सरसों के तेल और गरम मसाले के साथ पका।

पतले कटे आलू, पंच-फोरन, हल्दी और हरी मिर्च में सूखे भुने। किनारों से करारे, रोज़ के खाने के लिए बिलकुल सही।

भुना-मसला आलू, सरसों के तेल, प्याज़, लहसुन और हरी मिर्च के साथ। साथ में खाने के लिए बिलकुल सही।

घी और गुड़ की करारी गेहूँ की कुकीज़, लकड़ी के साँचों में दबाई। छठ पूजा का स्वाद।

छोटे आलू, मसालेदार प्याज़-टमाटर की तरी में सरसों के तेल के साथ दम पर धीमे पके। गाढ़ा और धुएँदार।
छोटी-छोटी बातें, जो हमारे खाने को घर जैसा स्वाद देती हैं।
हर सुबह छोटे बैच में ताज़ा बनता है। न फैक्ट्री, न फ्रोज़न शॉर्टकट। बस घर का खाना।
चक्की का सत्तू, कच्ची घानी सरसों का तेल, शुद्ध देसी घी और मौसमी सब्ज़ी। कुछ भी नकली नहीं।
मज़बूत, लीक-प्रूफ़ पैकिंग आपके चोखे की महक और दाल की गर्मी आप तक बनाए रखती है।
हर व्यंजन हमारी अपनी बिहारी रसोई की पुश्तैनी रेसिपी से बनता है। उन्हीं हाथों से, जो इसी खाने पर पले-बढ़े।
कोई झंझट नहीं। बस टैप कीजिए, बाकी हमारी रसोई पर छोड़ दीजिए।
हमारे घरेलू व्यंजनों में से चुनकर अपनी थाली, अपने मन मुताबिक सजाइए।
ऑर्डर आते ही हमारी रसोई में तवा और हाँडी चढ़ जाती है।
ताज़ा, घी से महकता और गरमागरम। एक घंटे से भी कम में आपके दरवाज़े।
“बिलकुल वही स्वाद जो मेरी नानी घर पर बनाती थीं। बेसन आलू और चोखे ने कितनी यादें ताज़ा कर दीं।”
“अरहर दाल तड़का लाजवाब है। हल्का, घरेलू और स्वाद से भरपूर। अब तो हर वीकेंड ऑर्डर करते हैं।”
“आख़िरकार सही मायने में घर का खाना, न कि तैलीय रेस्टोरेंट वाला। माँ-पापा को भेजा, उन्हें बहुत पसंद आया।”
आपकी गरमागरम थाली बस एक टैप दूर है। अभी ऑर्डर कीजिए और एक घंटे में घर का स्वाद पाइए।