हज़ारीबाग़ तक घर का खाना पहुँचाना
तैलीय रेस्टोरेंट वाला खाना नहीं। वही सादा, ताज़ा, घी-महकता घर का खाना जो हमारी माँ और नानी-दादी बनाती थीं। अब हज़ारीबाग़ में आपके दरवाज़े।
हज़ारीबाग़ की रसोई से
आपके दरवाज़े तक
एक तलब से जन्मा
BihariBhojan की शुरुआत एक सादी-सी ज़िद से हुई। उस आलू भुजिया और आलू चोखे के लिए जो सिर्फ़ घर पर सही बनता था। हमें एहसास हुआ कि हज़ारीबाग़ में हमारे पड़ोसी भी सच्चे घर के खाने को तरसते हैं।
तो हमने विष्णुपुरी में एक छोटी-सी घरेलू रसोई खोली, छोटे ताज़े बैच में पकाया, और एक भी चीज़ पर समझौता नहीं किया: सरसों का तेल, सत्तू, देसी घी और मौसमी सब्ज़ी।
आज हर ऑर्डर हमारे घर के तवे पर ताज़ा बनता है। चाहे दोपहर का अरहर दाल तड़का हो या माँ-पापा के लिए छठ का ठेकुआ। हम इसे घर जैसे बनाते हैं, क्योंकि हमारे लिए यह घर ही है।
खुद चखिएरोज़ ताज़ा बनाया गया
सच्चा घर का खाना, जैसा होना चाहिए। कुछ भी पहले से बना नहीं, कुछ भी फ़्रोज़न नहीं।
सूखी सब्ज़ी
आलू भुजिया · परवल भुजिया
पंच फोरन, लहसुन और सरसों के तेल के छौंक वाली रोज़ की भुजिया।
तरी वाली सब्ज़ी
बेसन आलू · आलू दम
धीमी आँच पर बनी हल्की, घरेलू सब्ज़ियाँ। बिलकुल घर के दोपहर जैसी।
दाल
अरहर दाल तड़का
धीरे पकी दालें, घी-लहसुन के धुएँदार तड़के के साथ।
प्रोटीन
राजमा · काला चना घुघनी
राजमा, घुघनी और चना, गाढ़े और घरेलू स्वाद तक पके।
तीन वादे जो हम कभी नहीं तोड़ते
ताज़ा, कभी फ़्रोज़न नहीं
रोज़ घर के तवे पर छोटे बैच में बनता है। न फैक्ट्री, न दुबारा गरम किया हुआ।
ईमानदार सामग्री
चक्की का सत्तू, कच्ची घानी सरसों का तेल, शुद्ध देसी घी और मौसमी सब्ज़ी। कुछ भी नकली नहीं।
घर के नुस्ख़े
हर व्यंजन एक पुश्तैनी रेसिपी है, उन्हीं हाथों से जो इसी खाने पर पले-बढ़े। बिलकुल माँ के हाथ जैसा।
